The Ultimate Guide To मैं हूँ ५ बार बोलो




अनुवाद करने में मैने निम्नलिखित पुस्तकों से सहायता ली है:

उसने समझा कि प्रेमपात्र का मुझसे अपमान हुआ है।

" यह सुनकर सिपाही ने अपने कपड़े फाड़ डाले और जल्दी से कोतवाल की सेवा में उपस्थित होकर इस घटना की सूचना दी। कोतवाल यह सुनकर नंगे पांव माफी मांगता हुआ हाजिर हुआ।

मर्द ने कहा, "भला, बादशाह तक मेरी पहुंच कैस हो सकती है? बिना किसी जरिये के वहां तक कैसे पहुंच सकता हूं?"

अगर तू मेरे प्राणों का ही गाहक है तो तलवार के एक ही वार से मेरा जीवन समाप्त कर दे। वह भी क्या बुरी घड़ी थी जबकी मैं तुझे दिखाई दिया।"

लोगों ने उत्तर दिया, "हमारा ऊंट खो गया है उसे।"

राजा ने रानी की बात सुनी तो कहने लगा, "तू उसको साधु न समझ, वह तो राजा है। जिसने अपनी इच्छाओं को वश में कर लिया वही राजा है। इन्द्रियों के दास को कौन बुद्धिमान मनुष्य राजा कह सकता है?

गुलाम ने जवाब दिया, "यह बड़ा सच्चा आदमी है। इससे ज्यादा भला आदमी मैंने कोई नहीं देखा। यह स्वभाव से ही सत्यवादी है। इसलिए इसने जो मेरे संबंध में कहा है, यदि ऐसा ही मैं इसके बारे में कहूं तो झूठा दोष लगाना होगा। मैं इस भले आदमी की बुराई नहीं करुंगा। इससे तो यही अच्छा है कि अपने को दोषी मान लूं। बादशाह सलामत!

[रूमियां की उपमा उन ईश्वर-भक्त सूफियों की-सी है, जिन्होंने न तो धार्मिक पुस्तकें पढ़ी और न किसी अन्य विद्या या कला में योग्यता प्राप्त की है। लेकिन लोभ, द्वेष, दुर्गुणों को दूर करके अपने हृदय को रगड़कर, इस तरह साफ कर लिया है कि उसके दिल स्वच्छ शीशें की तरह उज्जवल हो गये है।, जिनमें निराकार ईश्चरीय ज्योति का प्रतिबिम्ब स्पष्ट झलकता है।]१

[ऐ मनुष्य, जब तू पैगम्बर नहीं तो निर्दिष्ट मार्ग से चल, जिससे कि कुएं-खाई से बचकर आसानी से अपने लक्ष्य पर पहुंच जाये। जब तू बादशाह नहीं तो प्रजा बनकर रह और जब तू मल्लाह नहीं तो नाव को न चला। तांबे की तरह रसायन का सहारा ले। ऐ मनुष्य! तू महापुरुषों की सेवा कर।] १

चोबदारों ने ऐसा ही किया। उसको अशर्फियां से भरी हुई मशक दे दी और दजला पर ले गये। जब वह अरब नौका में सवार हुआ और दजला नदी को देखा तो लज्जा के कारण उसका सिर झुक गया, फिर सिर झुक गया, फिर सिर झुकाकर कहने लगा कि दाता की देन भी निराली है और इससे भी बढ़कर ताज्जुब Subconscious Mind की बात यह है कि उसने मेरे कड़वे पानी तक को कबूल कर लिया।

मिस्र-निवासी हजरत जुन्नून ईश्वर-प्रेम में विह्वल होकर पागलों-जैसे आचरण करने लगे। शासन-सूत्र गुण्डों के हाथ में था। उन्होंने जुन्नून को कैद में डाल दिया। जब दुष्ट मनुष्यों को अधिकार प्राप्त होता है तो मंसूर-जैसा सन्त भी सूली पर लटका दिया जाता है। जब अज्ञानियों का राज होता है तो वे नबियों तक को कत्ल करा देते हैं।

इधर औरत ने खुदा से दुआ मांगनी शुरु की कि ऐ परवरदिगार, रक्षा कर, ऐ खदा! हिफाजत कर।

लेकिन पहली बार अमेरिका भी भारतीय तकनीक से

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